मानवाधिकार
'उसके पास एक सिरिंज, रेजर ब्लेड और पट्टियाँ थीं': जननांग विकृति से बची हुई
जिबूती की 24 वर्षीय ज़ैनबा महर औआद को वह दिन याद है जब दस साल की उम्र में उनके घर एक अनपेक्षित मेहमान आई थी: "उसके पास एक सिरिंज, एक रेज़र ब्लेड और..."
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जिबूती की 24 वर्षीय ज़ैनबा महर औआद को वह दिन याद है जब दस साल की उम्र में उनके घर एक अनपेक्षित मेहमान आई थी: "उसके पास एक सिरिंज, एक रेज़र ब्लेड और..."